India NewsState Newsअध्यात्ममध्य प्रदेश

Bageshwar Dham Exposed: बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ढोंगी है ?

Bageshwar Dham Exposed: बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ढोंगी है ?

Bageshwar Dham Exposed: अपने दिव्य दरबार में भूत प्रेत भगाने के लिए मशहूर बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री(Pandit Dhirendra Shastri) अक्सर ही शोसल मीडिया पर चर्चा में रहते है। इस बार भी धीरेंद्र शास्त्री को लेकर मीडिया में फिर एक खबर चल रही है, जिसमें शास्त्री के ऊपर अंध विश्वास फैलाने को लेकर आरोप लगाए जा रहें है। बात नागपुर से जुडी हुई है।
बीते पाँच जनवरी को नागपुर के रेशमबाग इलाके में रामकथा का आयोजन किया गया था , पर इस कार्यक्रम में रायता तब फैल गया जब कथा के दौरान महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय व विशेष सहायक विभाग के अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने आरोपो की झडी लगा दी ।

Bageshwar Dham Exposed: झाड फूँक का मामला…

दरअसल धीरेन्द्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) के कथाओं में दिव्य दरबार लगाया जाता है जिसमें भूत प्रेत और झाड फूँक किया जाता है, और इसमें हज़ारों श्रद्धालु आते है और पंडित धीरेन्द्र झाडफूँक से भूत भगाते है इतना ही नही शास्त्री भूतों को मार भी लगवाते है। महाराष्ट्र में हो रहे इस कथा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित भारतीय जनता पार्टी के कई विधायक और बड़े नेता बागेश्वर महाराज के दरबार में अपना माथा टेकने पहुंचे थे। इससे यह बात साफ हो जाती है कि कथा कितना भव्य था । कथा की शुरुवात 5 जनवरी को हुई थी और इसका समापन 13 जनवरी को होना था , लेकिन समापन के दो पहले यानी 11 जनवरी को ही कथा समाप्त हो गई।

Bageshwar Dham Exposed: क्या हुआ जो कथा 2 दिन पहले ख़त्म हो गयी ?

जैसा कि कथा महाराष्ट्र के नागपुर में हो रही है और इस कथा के बीच शनिवार 7 जनवरी और रविवार 8 जनवरी को दिव्य दरबार हुआ जिसमे शामिल होने और अपनी अर्जी की सुनवाई के लिए लोग यहाँ पहुंचे थे ।,उसे बाद इस कथा का समापन 13 जनवरी को होना था ,इस बीच कथा के नाम पर चल रहे दिव्य दरबार को लेकर महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय व विशेष सहायक विभाग के अंतर्गत जादू टोना विरोधी कानून के अंतर्गत बनायीं गयी अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने राम कथा के नाम पर जादू टोने और अंधश्रद्धा फ़ैलाने का आरोप लगाया है।

समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने कहा कि, “दिव्य दरबार’ और ‘प्रेत दरबार’ के नाम पर शास्त्री जादू टोना कर लोगो और समाज को गुमराह कर रहें है । साथ ही धर्म के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी किया जा रहा है ।” अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने पुलिस से धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) पर कार्रवाई की मांग भी की है, इस मामवे में पुलिस कमिश्नर और फिर नागपुर (Nagpur) क्राइम ब्रांच के पास दो बार शिकायत की गयी है।

कथा के नाम पर जो हो रहा है…..

समिति के अध्यक्ष श्याम मानव का कहना है की कथा के नाम पर जो हो रहा है वो साफ़ साफ़ जादू टोने और अंधश्रद्धा फ़ैलाने का काम है और बार-बार पुलिस से शिकायत करने के बाद आयोजकों को इस बात का पता चला और उन्होंने इस कथा को 2 दिन पहले ख़त्म करने का फैसला लिया है क्योकि जिस तरह से ये कानून है और धीरेन्द्र शास्त्री(Dhirendra Shastri) ने इस दिव्य दरबार के नाम से जो कानून का उल्लंघन किया है ऐसे में इस कानून के तहत जेल होना तय है क्योकि इस कानून के तहत जमानत का भी प्रावधान नहीं है।

आयोजकों और संयोजको का कहना है …

वही इस कथा के 2 दिन पहले ख़त्म होने के पीछे कथा के आयोजकों और संयोजको का कहना है की ये कथा 7 दिनोंं की थी यानी 5 जनवरी से 11 जनवरी तक हो होने वाली थी लेकिन आयोजको के विशेष अनुरोध पर कथा को 13 जनवरी तक करने का फैसला लिया गया लेकिन अचानक से धीरेन्द्र शास्त्री(Dhirendra Shastri) महाराज को बागेश्वर धाम (Bageshwar) में बनाये जाने वाले अस्पताल के मीटिंग में शामिल होने के लिए ‘गड़ा’ जाना पडा जिसके कारण कथा कोदो 2 दिन पहले ही समाप्त किया गया ।

सवाल कई उठ रहे ?

आप को बता दे कि इस कथा के बैनर और पोस्टरो में कथा की समाप्ति की तारीख 13 जनवरी को ही छापा गया है जिसमें और अब अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति द्वारा सवाल पूछने पर कथा का तय समय से पहले खत्म कर देना लोगो को खटक रहा है और लोगो के भीतर यह संदेह गहरा हो रहा है कि क्या बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ढोंगी है ?

Show More

Related Articles

Back to top button