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Cm Dhami: जनहित में पत्रावलियों को सकारात्मक दिशा में लें

Cm Dhami: मुख्यमंत्री ने सचिवालय स्तर पर सुशासन पुरस्कार देने की घोषणा करते कहा कि पत्रावलियों को सकारात्मक दिशा में लें...

Story Highlights
  • महत्वपूर्ण निर्णयों की नोटिंग सही तरीके से की जाए
  • भारत सरकार की पत्रावलियों की आत्मा को समझें
  • ग्राम चौपाल और नियमित फील्ड विजिट करें अधिकारी

Cm Dhami: देहरादून, 27 दिसंबर, मुख्यमंत्री ने सचिवालय स्तर पर सुशासन पुरस्कार देने की घोषणा करते कहा कि पत्रावलियों को सकारात्मक दिशा में लें। आमजन के हित में कार्यों को बेहतर संचालन के लिए विभाग तालमेल बनाएं और समीक्षा बैठकों का कैलेंडर तैयार करें।

उस पत्र की आत्मा क्या है: Cm Dhami

सचिवालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुराज, सुशासन, सरलीकरण व समाधान के संबंध में अनु सचिव से अपर सचिव तक के अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय स्तर पर भी सुशासन पुरस्कार देने की घोषणा करते हुए कहा कि जब भी भारत सरकार के स्तर से कोई पत्र आता है। उस पत्र की आत्मा क्या है, सचिव स्तर से इसका नोट लिख कर पत्रावली अनुभाग को भेजी जाए। इससे जनहित में लेने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों की नोटिंग सही तरीके से आयेगी।

उन्होंने कहा कि अनुभागों से उच्च स्तर पर जो पत्रावलियां आती हैं, उन पर अधिकारी अपना मन्तव्य अवश्य लिखें। पत्रावलियों को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए अपना नोट अवश्य जोड़ें। नीति निर्धारण वाले प्रकरणों की पत्रावलियों में वैल्यू एडिटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए।

क्रियान्वयन के लिए नियमित फील्ड विजिट भी किये जाए

अनुसचिव से अपर सचिव स्तर तक के अधिकारी भी ग्राम स्तर पर आयोजित चौपालों में समय-समय पर प्रतिभाग करें। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नियमित फील्ड विजिट भी किये जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समीक्षा बैठकों के लिए मन्थली कैलेंडर बनाने की दिशा में भी ध्यान दिया जाए। कार्यों के बेहतर एवं त्वरित संपादन के लिए अधिकारी आपसी तालमेल से कार्य करें। विभागों के किसी प्रस्ताव पर यदि कोई बात स्पष्ट न हो रही हो तो, फाइल वापस भेजने के बजाय विभागाध्यक्षों से फोन पर वार्ता कर ही उनका मंतव्य जान लिया जाए। इससे समय की भी बचत होगी एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण भी तेजी से होगा।

इस मौके पर अधिकारियों ने बेहतर कार्य संस्कृति के लिए अपने सुझाव दिये। बैठक में सुझाव दिया गया कि एक अधिकारी को अलग-अलग विभागों के अनुभाग दिये जाने के बजाय एक ही विभाग के दो या तीन अनुभाग मिलेंगे तो इससे कार्यों में तेजी आयेगी। कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सेमिनार व अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का सुझाव भी आया।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव दिलीप जावलकर, विनोद कुमार सुमन, एस.एन पाण्डेय एवं अपर सचिव से अनुसचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।

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