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स्वामी विवकानंद की जयंती पर तृणमूल-भाजपा में रार conflict in trinmool-BJP

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम लिए बगैर उन पर तीखा हमला बोला

मौका कोई भी हो राजनेता उसे अपने हक में भुनाने में पीछे नहीं रहते है,एक बार फिर यही हुआ है बंगाल की राजनीति में।स्वामी विवकानंद की जयंती पर भी तृणमूल-भाजपा में रार कोलकाता, युवाओं के आदर्श स्वामी विवेकानंद की जयंती पर भी पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग हुई है। गुरुवार को स्वामी जी के शिमला स्ट्रीट स्थित पैतृक आवास पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी श्रद्धांजली देने पहुंचे। दोनों ने स्वामी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान कार्यक्रम में जुटे लोगो की मेटल डिटेक्टर के जरिए की जा रही जांच को लेकर सवाल खड़ा करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में फिलहाल जितने अपराधी और भ्रष्टाचारी हैं वे सत्ता में बैठे हैं। ऐसे ही नेताओं से सुरक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर लगाया गया है। उन्होंने बंगाल की शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज बंगाल की पूरी शिक्षा व्यवस्था और मंत्रालय जेल में है। अगर स्वामी जी रहते तो इस व्यवस्था को देखकर बंगाल से पलायन कर जाते।

अभिषेक पर जुबानी हमला

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(Mamta Banerjee) के भतीजे अभिषेक बनर्जी(Abhishek Banerjee) का नाम लिए बगैर उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वास्तव में स्वामी विवेकानंद पूरी दुनिया के युवाओं के लिए आदर्श हैं। लेकिन आज पश्चिम बंगाल में जिसे युवाओं का आदर्श बनाकर पेश किया जा रहा है वह फर्जी डिग्री वाला सीबीआई और ईडी की पूछताछ से बचने के लिए कोर्ट के चक्कर लगा रहा है। मवेशी तस्करी, कोयला तस्करी मामले का मुख्य सरगना है और सभी तरह के भ्रष्टाचार का सरपरस्त है। उसे आज बंगाल में युवाओं का आदर्श बताया जा रहा है।
बताना आवश्यक है कि दोनों नेता यहां शिमला स्ट्रीट से रेड रोड तक एक मैराथन दौड़ का उद्घाटन करने के लिए उपस्थित हुए थे ।

तृणमूल का पलटवार –

इधर भाजपा नेताओं के जाने के बाद वहां पहुंची तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और ममता कैबिनेट की सदस्य शशि पांजा ने भी स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद भाजपा पर हमला बोला। शशि पांजा ने कहा, “मैं स्वामी रामकृष्ण परमहंस के शब्दों में ही उन्हें जवाब दूंगी। मेरा बस इतना ही कहना है कि उनके अंदर ज्ञान का प्रकाश फैले।

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