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Democracy: लोकतंत्र पर बड़ा संकट, पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों ने संसद में की तोड़फोड़

Democracy: लोकतंत्र पर बड़ा संकट, पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों ने संसद में की तोड़फोड़

Democracy: ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है मेरे ख्याल से वह सबसे जरूरी चीज है लोकतंत्र.

  • जिसके बिना जिंदगी अधूरी हो.
  • दुनिया के किसी भी देश में अगर हमें रहने को छोड़ दिया जाए.
  • तो जीने के लिए सबसे जरूरी चीजों में हवा, पानी और रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों के अलावा.
  • आप और क्या शामिल करना चाहेंगे.
  • ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है मेरे ख्याल से वह सबसे जरूरी चीज है लोकतंत्र.
  • जी हां लोकतंत्र.
  • किसी भी देश की खूबसूरती और खुशहाली को बढ़ाने के लिए लोकतंत्र बेहद जरूरी है.
  • पर समय-समय पर इस लोकतंत्र के लिए चुनौतियां भी आती रहती हैं.
  • फिलहाल ब्राजील में लोकतंत्र पर एक बड़ी मुसीबत आई हुई है.
  • दो साल पहले जो घटना अमेरिका के कैपिटल हिल में घटी थी.
  • उसी तरह की घटना अब ब्राज़ील के संसद और वहां के सुप्रीम कोर्ट तथा राष्ट्रपति भवन में घटी है.

कई सरकारी भवनो में

प्रदर्शनकारियो ने आसपास कई सरकारी भवनो में हमले बोल दिए है. पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो और के समर्थकों ने अपने विरोधी राष्ट्रपति लुइज इनासियों लुला डा सिल्वा के शपथ के हफ्ते भर बाद रविवार को राजधानी में खूब बवाल किया.

इस तरह के उपद्रव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं ने अपने बयान जारी किए हैं. और इस घटनाक्रम को लेकर के चिंता जाहिर की है।
ब्राजील की इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा है कि ब्राजीलिया में सरकारी संस्थानों के खिलाफ दंगे और तोड़फोड़ की खबरों से मैं बेहद चिंतित हूँ. लोकतांत्रिक परंपराओं का सभी को सम्मान करना चाहिए हम ब्राजील के अधिकारियों को अपना पूरा समर्थन देते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ब्राजील में धुर दक्षिणपंथी पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के समर्थकों द्वारा देश की कांग्रेस, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट पर हमला करने के बाद स्थिति अपमानजनक थी.

ब्राजील की इस हिंसा की शुरूआत: Democracy

  • ब्राजील की इस हिंसा की शुरूआत पिछले साल अक्तूबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव से ही हो गई हैं.
  • ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने 30 अक्तूबर घोषित चुनाव परिणाम में जेयर बोलसोनारो को हरा दिया.
  • इसके साथ ही वामपंथी नेता ने दशकों से देश की सत्ता में काबिज दक्षिणपंथी सरकार को उखाड़ फेका.
  • यह परिणाम बोलसोनारो समर्थकों के लिए उम्मीद से परे था। 
  • इस चुनाव में लूला को बोलसोनारो के 49.2% की तुलना में 50.8% वोट मिले थे।
  • सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट ने लूला के जीत की औपचारिक घोषणा की.
  • हालांकि, बोलसोनारो के समर्थकों को यह हार रास नहीं आई,और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया.
  • इसी विरोध के परिणाम स्वरूप प्रदर्शनकारी रविवार को और भी हिंसक हो गए.
  • सरकारी इमारतों में घुसकर खूब उत्पात मचाया।

लूला डी सिल्वा के राष्ट्रपति

रविवार को लूला डी सिल्वा के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के विरोध में प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए कांग्रेस , राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए। इन प्रदर्शनकारियों ने हरे और पीले झंडे के कपड़े पहने थे। इनमें से एक समूह के लोग सदन अध्यक्ष की कुर्सी पर चढ़ गए और वहां उसके आसपास जमा हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शनकारी स्पीकर के डेस्क पर चढ़कर माइक से छेड़छाड़ कर रहे हैं। एक वीडियो में एक पुलिसकर्मी को उसके घोड़े से खींचकर जमीन पर गिराते हुए दिखाया गया है। 

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल: Democracy

  • प्रदर्शनकारियों से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
  • जिसमें उपद्रवियों को कांग्रेस भवन में प्रवेश करने के साथ दरवाजे और खिड़कियां तोड़ते हुए दिखाया जा रहा।
  • वीडियों में दिख रहा है वह एक साथ अंदर आते हैं और सांसदों के कार्यालयों को तोड़ते हैं।
  • साथ ही उन्होंने एक बैनर को फहराने की कोशिश की।
  • ब्राजील की यह घटना लोकतंत्र के दृष्टि से अप्रत्याशित है.
  • वही इस पूरी घटना के लिए पूर्व राष्ट्रपति जाएर वोल्सनारो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.
  • क्योंकि लगातार उनके ही समर्थक इस तरह से उत्पात मचा रहे हैं.
https://www.youtube.com/watch?v=wXIGwTT1Dok

बोलसोनारो ने इस पूरे कांड से…

हालांकि, बोलसोनारो ने इस पूरे कांड से अपना पल्ला झाड लिया है. साथ ही उन्होने इस मामले से खुद को अलग करते हुए समर्थकों की इस हरकत की निंदा की है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को भी निराधार करार दिया है.
बोलसोनारो ने सरकारी इमारतों पर हमले के लिए समर्थकों को भड़काने के ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा के आरोपों को भी खारिज कर दिया। पूर्व राष्ट्रपति ने ट्वीट में लिखा, “मैं अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करता हूं, जो कि ब्राजील के मौजूदा प्रमुख ने मेरे ऊपर बिना किसी सबूत के लगा दिए हैं.

ब्राजील में नफरत की आग: Democracy

ब्राजील में नफरत की आग हाल में नहीं लगी है बल्कि यह आग अक्टूबर से ही सुलग रही थी, हालांकि, छुटपुट हिंसा की शुरुआत तो चुनाव से पहले ही हो गई थी। यही कारण है कि देश में चुनाव से पहले जुलाई अगस्त में सुरक्षा को बढ़ाया गया था। जुलाई में, ब्राजील की संघीय पुलिस ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के लिए सुरक्षा दी थी जो आमतौर पर अगस्त के मध्य में चुनावी दौर के आधिकारिक शुरुआत से पहले नहीं किए जाते थे। यह कदम दक्षिणी शहर फोज डू इगुआकू में “लूला” समर्थक की जन्मदिन की पार्टी में एक स्थानीय अधिकारी की हत्या के बाद उठाया गया था।

तब से, राजनीतिक समर्थकों के बीच हमले बढ़ते ही गए, मारपीट, छुरा घोंपने और यहां तक कि हत्याओं की कई खबरें आईं। सितंबर में एक 39 वर्षीय व्यक्ति को लूला के समर्थन की घोषणा करने के बाद पूर्वोत्तर राज्य सिएरा में एक बार में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इन्ही घटनाओं को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र तक को हस्तक्षेप करना पड़ा था। 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने ब्राजील में अधिकारियों, उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया था कि आगामी आम चुनाव शांतिपूर्ण हों और चुनाव संबंधी हिंसा को रोका जाए।

दो अक्टूबर को यहां चुनाव हुए…

दो अक्टूबर को यहां चुनाव हुए और 28 अक्टूबर को परिणाम आए। हालांकि, चुनाव बाद भी यहां हिंसा नहीं रुकी नवंबर और दिसंबर के महीनों में राजधानी ब्राजीलिया समेत देश के कई हिस्सों में घटनाएं सामने आईं। एक सर्वे के मुताबिक अक्टूबर से नवंबर के बीच यहां 103 हिंसक घटनाएं हुईं जिनमें राजनीतिक प्रतिनिधि या उनके परिजनों के शामिल होने का आरोप था।

इस हिंसा को देखते हुए कानूनी एजेंसियां भी एक्शन में आ गईं हैं। प्रदर्शनकारियों को शांत कराने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और संसद भवन के आसपास के क्षेत्र को खाली कराया इस घटना में 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तारी हुई है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने राजधानी सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने 31 जनवरी तक ब्रासीलिया में एक संघीय सुरक्षा लगाने की घोषणा की है.

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