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Racism: सम्मान, लालच और बहकावे में आकर पकड़ ली नक्सलवाद की राह

Racism: सम्मान, लालच और बहकावे में आकर पकड़ ली नक्सलवाद की राह

Racism: उसने कहा कि वह मूल रूप से पश्चिमी सिहंभूम सोनुआ थाना क्षेत्र के माईलपी गांव का रहने वाला है।

  • पुलिस के समक्ष करने वाले नक्सली जयराम बोदरा उर्फ जोरिया बोदरा ने कहा
  • कि गांव के लोग संगठन के सदस्यों का बहुत सम्मान करते थे।
  • इससे प्रभावित होकर वह वर्ष 2018 से संगठन से जुड़ गया।
  • वह नक्सली सुरजा सोय के माध्यम से सैलसोया पहाड़ पर संगठन से जुड़ा।
  • जीवन कंडुलना और सुभाष ने उसे प्रशिक्षण दिया। वह कोल्हान, पोड़ाहाट एवं ट्राईजक्शन क्षेत्र में भ्रमणशील रहता था।
  • उसने दस्ते के सदस्यों के साथ लोटाबुरु पहाड़ पर संगठन के अपटन, रवि और गुलशन से हथियार का प्रशिक्षण लिया था।
  • इसी दौरान उसकी मुलाकात महाराज प्रमाणिक से हुई।
  • महाराज ने बोदरा को आईईडी लगाना सिखाया।
  • इसके बाद वह मिसिर बेसरा के साथ सरजोमबुरु पहाड़ी पर रहा।
  • संगठन में सक्रिय रूप से रहा।

प्रलोभन ने बना दिया नक्सली: Racism

नक्सली सरिता उर्फ मुंगली सरदार सरायकेला-खरसांवा की रहने वाली है। वर्ष 2019 में गांव में भाकपा माओवादी के महाराजा प्रमाणिक दस्ते के लोग आये और संगठन में जुड़ने का प्रलोभन दिया। इससे प्रभावित होकर वह संगठन से जुड़ी। सोमवारी कुमारी रांची के तमाड़ की रहने वाली है।

  • नक्सली सोमवारी भी प्रलोभन में पड़कर संगठन से जुड़ी।
  • नक्सली तुंगीर पूर्ती पश्चिमी सिंहभूम टोंटो थाना क्षेत्र रेंगड़ाहातू का रहने वाला था।
  • उसे भी प्रलोभन देकर संगठन में शामिल किया गया।
  • पातर कोड पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो थाना क्षेत्र रेंगड़ाहातू का रहने वाला है।
  • उसे भी प्रलोभन देकर संगठन से जोड़ा गया।
  • वह वर्ष 2021 के मई में संगठन से जुड़ा।
  • उसे गोविंद कोड़ा ने संगठन से जोड़ा।

मारपीट की धमकी पर जुड़ा संगठन से: Racism

  • पश्चिमी सिंहभूम के नक्सली मारतम अंगरिया को संगठन में शामिल नहीं होने पर मारपीट की धमकी दी गयी।
  • इसके बाद वह वर्ष 2019 में संगठन से जुड़ गया।
  • रास्ता दिखाने के बहाने ले गए और संगठन से जोड़ा
  • नक्सली कुसनु सिरका ओड़िसा के थाना बड़बिल के बुलानी का रहने वाला है।
  • वह वर्ष 2020 में बकरी चरा रहा था।
  • इसी दौरान अनमोल के दस्ते ने रास्ता दिखाने के बहाने जबरन राजाबासा ले गया और दस्ता में शामिल कर लिया।
  • इस दौरान प्रेम प्रसंग होने के बाद संजू पूर्ति उर्फ रौशन से शादी कर लिया।

नक्सली संजू पूर्ति उर्फ रौशन पूर्ति पश्चिमी सिहंभूम मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के चिड़ियाबेला गांव की रहने वाली है। वर्ष 2019 अक्टूबर में नक्सली दोकोल उर्फ सागेन अंगरिया ने चावल पहुंचाने के बहाने जबरन उसे जंगल ले गया और दस्ता में शामिल कर लिया। वह कोल्हान क्षेत्र में दस्ता प्लाटून सदस्य के रूप में सक्रिय रही। इसी दौरान दस्ता के कार्तिक से प्रेम हो गया और उससे शादी कर ली।

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