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Rules Change New Year: एक जनवरी से गाड़ी की कीमत से लेकर बैंक लॉकर के नियम में होंगे बदलाव

Rules Change New Year: साल 2022 खत्म होने में महज एक दिन बचा है। नए साल में एक जनवरी से बैंकिंग और बीमा, गाड़ियों के दाम...

Story Highlights
  • लॉकर में रखे सामान को नुकसान पहुंचने पर जवाबदेही बैंक की होगी
  • कारोबारियों को इलेक्ट्रॉनिक बिल जनरेट करना अनिवार्य हो जाएगा

Rules Change New Year: नई दिल्ली, 30 दिसंबर, साल 2022 खत्म होने में महज एक दिन बचा है। नए साल में एक जनवरी से बैंकिंग और बीमा, गाड़ियों के दाम, क्रेडिट कार्ड के नियम सहित कई सेक्टरों में बदलाव होने जा रहे हैं। ऐसे में इन बदलाव के बारे में आपको जानना जरूरी है।

बैंक लॉकर के नियम में होंगे बदलाव: Rules Change New Year

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की नई गाइडलाइन के मुताबिक बैंक लॉकर से जुड़े नए नियम एक जनवरी, 2023 से लागू हो जाएंगे। नए नियम के मुताबिक अगर बैंक लॉकर में रखे सामान को नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जवाबदेही बैंक की होगी। इसके लिए बैंक और ग्राहकों के बीच एग्रीमेंट साइन किया जाएगा। बैंकों को लॉकर से जुड़े नियम में बदलाव की जानकारी ग्राहकों को एसएमएस और अन्य माध्यमों से देनी होगी।

एक जनवरी, 2023 से गाड़ियों के दाम भी बढ़ जाएंगे। मारुति सुजुकी इंडिया, एमजी मोटर, हुंडई मोटर सहित अधिकांश कार कंपनियां नए साल से अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान पहले ही कर चुकी हैं। इसके अलावा अगर आपकी गाड़ी में अभी तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है, तो इसे लगवा लें। अगर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की तारीख नहीं बढ़ाई गई तो आपको 5 हजार तक का भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।

क्रेडिट कार्ड में बचे सभी रिवॉर्ड प्वाइंट का भुगतान 31 दिसंबर, 2022 से पहले ही कर लें

नए साल में एक जनवरी से क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट करने पर मिलने वाले रिवार्ड प्वाइंट में बदलाव होने वाला है। एचडीएफसी बैंक नए साल की शुरुआत से अपने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट पर मिलने वाले रिवॉर्ड प्वाइंट्स में बदवाल करेगा। बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने क्रेडिट कार्ड में बचे सभी रिवॉर्ड प्वाइंट का भुगतान 31 दिसंबर, 2022 से पहले ही कर लें, क्योंकि एक जनवरी, 2023 से नए नियमों के तहत रिवॉर्ड प्वाइंट की सुविधाएं दी जाएंगी।

एक जनवरी से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ई-इन्वॉयसिंग और इलेक्ट्रॉनिक बिल से जुड़े नियमों में भी अहम बदलाव होने वाले हैं। सरकार ने जीएसटी की ई-इन्वॉयसिंग के लिए अनिवार्य सीमा को 20 करोड़ रुपये से घटाकर पांच करोड़ रुपये कर दी है। ऐसे में जिन कारोबारियों का टर्नओवर पांच करोड़ रुपये या उससे ज्यादा है, उनके लिए अब इलेक्ट्रॉनिक बिल जनरेट करना अनिवार्य हो जाएगा।

इसके अलावा नए साल में एक जनवरी से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव के साथ ही सीएनजी और घरों की रसोई में इस्तेमाल होने वाली पीएनजी की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है। बीते एक साल के दौरान देश की राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमतों में 70 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है, जबकि अगस्त, 2021 के बाद से अब तक पीएनजी की दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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