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Sushant Singh Rajput: सुशांत सिंह राजूपत की हुई थी हत्या! मोर्चरी कर्मचारी ने किया दावा

Sushant Singh Rajput: तुनिषा शर्मा(Tunisha Sharma) सुसाइड केस के बीच बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh ) की मौत के मामले...

Sushant Singh Rajput: तुनिषा शर्मा(Tunisha Sharma) सुसाइड केस के बीच बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh ) की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है।

मोर्चरी कर्मचारी ने किया दावा: Sushant Singh Rajput

  • कूपर हॉस्पिटल के मोर्चरी सर्वेंट रूपकुमार शाह (Roopkumar Shah)ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।
  • रूपकुमार शाह सोमवार को दावा किया कि सुशांत ने सुसाइड नहीं किया था बल्कि उनकी हत्या हुई थी।
  • अब इस दावे के बाद तमाम फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने साजिश रचने वालों पर गुस्सा जाहिर किया,
  • जिसमें कहा गया कि अगर कर्मचारी इतने जानकार हैं, तो डॉक्टर(Doctors ) और उनकी डिग्री किस काम की है?
  • एक्टर सुशांत सिंह की मौत के 2 साल बाद, रूपकुमार शाह ने आरोप लगाया कि सुशांत सिंह राजपूत के शरीर और गर्दन पर कई निशान थे।
    रूपकुमार शाह (Roopkumar Shah) ने बताया था कि जब अस्पताल में एक्टर सुशांत सिंह की बॉडी आई थी तब वह ड्यूटी पर थे।
  • उन्होंने जब बॉडी देखी तो उन्हें गले पर हैंगिंग का मार्क दिखा लेकिन वो सुसाइड (Suicide )जैसा नहीं लग रहा था।
  • उनके मुताबिक, वो ऐसा निशान ऐसा था जैसे किसी को खींचे जाने के बाद कोई तड़पता है और उससे जो निशान पड़ता है।
  • इसके अलावा उनको पैर, हाथ और शरीर के हिस्सों में अलग-अलग तरह के निशान दिखाई दिए थे।
  • मोर्चरी के कर्मचारी का दावा है कि सुशांत सिंह को मारने का ढंग बिल्क़ुल अलग था।
  • उन्हें वो निशान फ्रैक्चर जैसा लग रहा था।

सुशांत सिंह राजपूत के केस में फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स का दावा

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने इन दावों के बीच फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स से बात की। नाम न छापने की शर्त पर एक सीनियर एक्सपर्ट्स ने कहा, ‘2 साल बाद वह कह रहे हैं कि यह हत्या का मामला है। 2 साल से वो कहां थे? उन्होंने यह पहले क्यों नहीं बताया था? जबकि सबसे पहले, वह एक विशेषज्ञ नहीं है। शरीर की चीड़-फाड़ के बिना तो एक फोरेंसिक डॉक्टर भी यह साबित नहीं कर सकता कि अंदरूनी चोट थी या नहीं। मुझे नहीं लगता कि ये वैज्ञानिक रूप से सिद्ध होगा। रूपकुमार शाह को यह साबित करने के लिए कुछ सबूत तो देने ही होंगे कि वह जो कह रहा है वह सच है भी या नहीं। उन्हें जांच एजेंसियों से पहले इसका जिक्र करना चाहिए था। अगर उनके पास कोई तस्वीर या वीडियो रिकॉर्डिंग है, तो जांच एजेंसी दूसरे एक्सपर्ट्स के साथ इस मामले की पुष्टि कर सकती है।

एक्सपर्ट्स ने उठाए रूपकुमार शाह के दावों पर सवाल

वहीं, दूसरे फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने कहा, ‘यह एक सुराग हो सकता है लेकिन यह सबूत नहीं हो सकता। जो भी व्यक्ति दावा कर रहा है उसका अन्य विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन किया जाना चाहिए जिससे यह तय किया जा सके कि वो जो कह रहा है उसको वह समझ में आता है या नहीं।’ तीसरे एक्सपर्ट्स ने कहा, ‘अगर एक मोर्चरी कर्मचारी हत्या या आत्महत्या की पहचान कर सकता है, तो डॉक्टर और उनकी डिग्री का कोई मतलब नहीं है? डॉक्टरों को गलत साबित करना बेहद गलत बात है और इस तरह की चीजों को रोकने की जरूरत है।

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