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उत्तराखंड : रेल परियोजना का जोशीमठ नहीं पीपलकोटी में होगा कर्णप्रयाग रेल का अंतिम स्टेशन

ऋषिकेश, 12 जनवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्तराखंड में महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का दूसरा चरण कर्णप्रयाग से जोशीमठ तक नहीं बल्कि पीपलकोटी तक होगा। क्योंकि रेल विकास निगम ने जोशीमठ को इसके लिए अनुकूल नहीं पाया था।

रेल विकास निगम के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ओपी मालगुडी ने बताया कि भूगर्भीय सर्वेक्षण के बाद रेल विकास निगम ने सात माह पहले ही जोशीमठ क्षेत्र को भौगोलिक संरचना के अनुकूल नहीं पाया था। इसके चलते इस परियोजना का अंतिम पड़ाव पीपलकोटी होगा। रेल विकास निगम की ओर से करीब 30 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर 12 किलोमीटर शैकोट तक सर्वे पूरा करके रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी थी।

प्रधानमंत्री की उत्तराखंड में महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परिजोजना

वर्तमान में भू धंसाव को देखते हुए जोशीमठ क्षेत्र खतरे की जद में आ गया है। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक जाने वाली रेल लाइन का विस्तारीकरण दूसरे चरण में कर्णप्रयाग से जोशीमठ तक होना था लेकिन रेल विकास निगम ने सात माह पूर्व जोशीमठ तक रेल लाइन ले जाने की दिशा में कदम पीछे खींच लिए थे। इसका कारण यही माना गया था कि पीपलकोटी से जोशीमठ तक भौगोलिक संरचना और भूगर्भीय सर्वेक्षण इसके अनुकूल नहीं पाया गया। हालांकि रेल विकास निगम ने शैकोट से सोनप्रयाग और शैकोट से जोशीमठ तक दो लाइन पर सर्वे कराया था। दोनों ही लाइन को भूगर्भीय संरचना के हिसाब से उचित नहीं पाया गया था। इस कारण 19 मई 2022 को निगम की ओर से रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी गई थी।

परियोजना प्रबंधक ने बताया…

रेल विकास निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक अजीत सिंह यादव ने बताया ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का विस्तारीकरण भौगोलिक संरचना और सर्वे रिपोर्ट के बाद जोशीमठ के बजाय पीपलकोटी तक किया जाना प्रस्तावित है। अब तक परियोजना की व्यवहारिकता की आकलन रिपोर्ट सही है। गोपेश्वर तक फिजिबिलिटी सही पाई गई है।

जोशीमठ तक रिपोर्ट सही नहीं…

जोशीमठ तक रिपोर्ट सही नहीं आने के कारण रेल विकास निगम ने योजना के दूसरे चरण के तहत अब पीपलकोटी तक रेलवे लाइन ले जाने का निर्णय लिया है। करीब 30 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर विभाग की ओर से भूगर्भीय सर्वेक्षण करवाया गया है। दो चरण में होने वाले इस सर्वेक्षण में कर्णप्रयाग से शैकोट तक 12 किलोमीटर क्षेत्र में सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। इसके बाद शैकोट से पीपलकोटी तक सर्वेक्षण होना है।

रेल विकास निगम के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक मालगुडी के मुताबिक शैकोट तक किए गए सर्वे की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड के पास लंबित है। वहां से अनुमति मिलने के बाद अगले चरण का सर्वे करवाया जाएगा। दूसरे चरण की इस रेल लाइन पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड को ही लेना है। उन्होंने बताया कि शैकोट तक कराए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट सभी मानकों के हिसाब से ठीक है। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिल जाती है तो ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना का अंतिम स्टेशन पीपलकोटी होगा।

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