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Union Environment: वन एवं जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखा पत्र

Union Environment: वन एवं जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखा पत्र

Union Environment: चंद्रप्रकाश चौधरी ने केंद्र सरकार से पारसनाथ पर्वत को धार्मिक स्थल घोषित करने की मांग की है।

  • उन्होंने इसको लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है
  • सांसद ने पत्र में मधुबन क्षेत्र को अन्य धार्मिक नगरों जैसे काशी-विश्वनाथ,अयोध्या, मथुरा और वैष्णो देवी आदि
  • की तरह पांच किलोमीटर के घेरे को शराब, मांस और नशा से मुक्त क्षेत्र घोषित करने के साथ-साथ संपूर्ण तीर्थराज पर्वत
  • को ही पवित्र एवं जैन आस्था का क्षेत्र घोषित करने एवं इको टूरिज्म जोन के स्थान पर पवित्रतम शिखर जी को धार्मिक
  • आध्यात्मिक केंद्र के रूप में पुनर्स्थापित करने की मांग की है।

जैन धार्मिक परंपरा

उन्होंने कहा कि जैन धार्मिक परंपरा और रीति रिवाज के अनुसार ही पर्वतराज पर पर दर्शन, पूजन एवं भ्रमण की व्यवस्था हो। सभी तरह की प्रबंधन समितियों में जैन समुदाय का प्रतिनिधित्व हो।

  • उन्होंने देश-विदेश के जैन समाज की भावनाओं और संवेदनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है।
  • उन्होंने केंद्र की 02 अगस्त, 2019 की उस अधिसूचना का जिक्र किया है.
  • जिसमें मधुबन में पारसनाथ पहाड़ को वन्य जीव अभ्यारण्य का एक भाग घोषित कर पारसनाथ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी
  • एवं उसकी तलहटी को इको सेंसेटिव जोन घोषित कर दिया गया।
  • उनके अनुसार, इस निर्देश में जैन समुदाय से कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया।
  • न ही राष्ट्रीय व स्थानीय अखबारों में इसका गजट प्रकाशन किया गया।

श्री सम्मेद शिखरजी पारसनाथ: Union Environment

  • उन्होंने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है
  • कि श्री सम्मेद शिखरजी पारसनाथ पहाड़ जैन धर्म के वर्तमान 20 तीर्थंकर भगवानों की मोक्ष स्थली है।
  • इस पहाड़ पर जैन समाज के अनुयायी पवित्रता का पालन करते हुए नंगे पांव, शुद्ध वस्त्र पहनकर,
  • वर्ष में अनेक बार 27 किलोमीटर पैदल चलकर पूरे पारसनाथ पहाड़ की वंदना करते हैं।
  • साथ ही पूरे पहाड़ की तलहटी में 58 किलोमीटर परिक्रमा भी करते हैं।
  • इस लिहाज से पारसनाथ की पवित्रता को बनाए रखने की जरूरत है।
  • सांसद ने विश्वास जताया है कि केंद्र सरकार उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

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